समय नियोजन

ये ब्लॉग शुरू करने से पहले आप सबका धन्यवाद. मेरे पहले हिंदी ब्लॉग की आप सबने बहोत सराहना की, उसके लिए मैं आपका आभारी हूं. आपके प्रोत्साहन से मुझे और ब्लॉग्स लिखने की उर्जा मिलती है. 

आज कुछ एक विषय पर लिखने की बड़ी चाह थी, पर कुछ सूझ ही नहीं रहा था. पर लिखने की इच्छा तो प्रबल थी. अब क्या करे? सोच विचार किया. बाद मैं एक विचार आया. मैं कुछ ज्यादा ही सोच रहा हूँ. बाकि काम नहीं हो रहे. उससे अच्छा बाकि के काम निपटा देता हूँ. और वही किया. जब फिर बैठा, तब एक विचार आया, भाई ऐसा ही तो होता है. आप कई बार किसी चीज को लेकर हट पकड़ कर बैठ जाते हैं. वो काम तो होता नहीं. या फिर हो भी जाए तो बहोत समय बर्बाद हो जाता है. बल्कि बाकीके काम भी रुक जाते हैं. उससे अच्छा दुसरे काम करते रहो, ये काम करने का नया रस्ता मिल ही जाता है. और वही आज का विषय बन गया.  

इस बात पर आप ने भी गौर किया होगा. कई बार, हम किसी चीज के पीछे रट लगाये पड जाते है. हमैं विश्वास होता है, की ऐसे करेंगे तो कामयाबी जरुर हासिल होगी. और बहुत बार यह सच भी होता है. आखिरकार कोशिश करने वाले की हार नहीं होती. पर उसी समय ये भी जान लेना बहुत मुनासिफ होता है, की किस बात को कितना तवज्जु दे. जैसे की आज मेरे बारे मैं हुआ. अगर मैं सिर्फ एक ही काम के बारे मैं सोचता रहता, जिस काम से मुझे आनंद मिलता है, तो शायद मैं वोह पूरा कर भी पाता. पर उसके लिए मेरा बहुमूल्य समय व्यतीत हो जाता और बाकि के जो काम करने है, वो भी रह जाते. कई बार ऐसे छोटे छोटे काम टालने की वजह से बाद मैं, बड़े कामों मैं परावर्तित हो जाते है. कहने का तात्पर्य यह है, की काम कितना भी आनंददाई क्यों न हो, हर एक चीज का अपना एक समय होता है. 

और समय नियोजन करना और उपलब्ध समय का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करने मैं ही हम सब की भलाई है. इसके लिए, आपके कामो के प्रति जागरूकता बहोत महत्वपूर्ण है. किस काम को पहले करना जरुरी है और किस काम को थोडा बाद मैं करना ठीक होगा इस बारे मैं आपके विचार सुस्पष्ट होने चाहिए. इस सुस्औपष्रटता के कारन आपको उचित समय अपने विविध कामों को देने मैं आसानी होगी.

पर, इसी साथ एक विचार हमेशा ध्यान मैं रखे. किसी अचानक से उठ खड़ी होने वाली आपदा के लिए या किसी प्रश्न के लिए भी आपको समय देना पड सकता है. इस विचार को ध्यान मैं रखते हुए समय का नियोजन करना सफलतापूर्ण रहता है. क्यों की , ये जीवन है मेरे दोस्तों. अगर समय कैसे करवटें लेगा यह पहले ही पता चल जाए तो क्या चाहिए. ईसीलिये अनापेक्षित घटनाएं होती रहेंगी. आपका समय नियोजन बिघडने मैं वक्त नहीं लगेगा. पर विश्वास रखिये. आप का समय नियोजन जितना पक्का होगा, उतनेही जल्दी आप अचानक से आई आपदा से खुद को संवार लेंगे.  उसमे से उभर कर आप अपनी काम की गाड़ी को पटरी पे ले आ सकते है.

तो, ये थे मेरे विचार समय नियोजन के बारे मैं. आपके इस बारे मैं क्या विचार है, ये जानने की मुझे उत्सुकता है. निचे दिए गए कमेंट्स करने की जगह पर अपने विचार जरुर शेयर कीजिये. और इसके साथ साथ ये ब्लॉग भी अपने दोस्तों के साथ शेयर करना न भूले. धन्यवाद. 



Comments

Nishant Pujari said…
Very well written🙌🙌. Satya ghatnao par nirdharit😁👌
Vighnesh Khale said…
Thank you Nishant. 😊 सत्य ही हमारी पहचान है 🙏🏻

Vighnesh Khale said…
Thank you so much bhau 😊🙏🏻

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