Posts

Showing posts from August, 2020

समय नियोजन

Image
ये ब्लॉग शुरू करने से पहले आप सबका धन्यवाद. मेरे पहले हिंदी ब्लॉग की आप सबने बहोत सराहना की, उसके लिए मैं आपका आभारी हूं. आपके प्रोत्साहन से मुझे और ब्लॉग्स लिखने की उर्जा मिलती है.  आज कुछ एक विषय पर लिखने की बड़ी चाह थी, पर कुछ सूझ ही नहीं रहा था. पर लिखने की इच्छा तो प्रबल थी. अब क्या करे? सोच विचार किया. बाद मैं एक विचार आया. मैं कुछ ज्यादा ही सोच रहा हूँ. बाकि काम नहीं हो रहे. उससे अच्छा बाकि के काम निपटा देता हूँ. और वही किया. जब फिर बैठा, तब एक विचार आया, भाई ऐसा ही तो होता है. आप कई बार किसी चीज को लेकर हट पकड़ कर बैठ जाते हैं. वो काम तो होता नहीं. या फिर हो भी जाए तो बहोत समय बर्बाद हो जाता है. बल्कि बाकीके काम भी रुक जाते हैं. उससे अच्छा दुसरे काम करते रहो, ये काम करने का नया रस्ता मिल ही जाता है. और वही आज का विषय बन गया.   इस बात पर आप ने भी गौर किया होगा. कई बार, हम किसी चीज के पीछे रट लगाये पड जाते है. हमैं विश्वास होता है, की ऐसे करेंगे तो कामयाबी जरुर हासिल होगी. और बहुत बार यह सच भी होता है. आखिरकार कोशिश करने वाले की हार नहीं होती. पर उसी समय ये भी जान लेन...

करोना काल की छह सिंखे (मेरा पहला हिंदी ब्लॉग)

Image
नमस्कार. मैंने आज तक मराठी और इंग्लिश में ब्लॉग्स लिखे हैं. जो मन में आता गया, वह आपको बताता गया. आपने भी, अभी अभी तक, मुझे जितना प्रोत्साहन दिया, उसके लिए मैं आपका कृतज्ञ हूं. आपका यह प्यार हमेशा बना रहे यही इच्छा है और आगे भी रहेगी. फ़िलहाल के दिनों मैं, हम सब ने बहोत सारी अद्भुत और अनाकलनीय परिस्थितियों का सामना किया है. अद्भुत इसीलिए क्यूंकि इन परिस्थितियों ने हमें बहोत सारी चीजो पर फेरविचार करना सिखाया, हमे हमसे ही नए से रूबरू कराया हैं. और अनाकलनीय इसीलिए क्योंकि , ऐसी परिस्थितियों का विचार हमने सिर्फ होलीवूड की फिल्मों को देखते हुए ही किया था. सुनसान शेहेर, एकसे बढ़कर एक आपत्तियां और उसमे फंसे बेचारे हम. करोना का कहर पुरे विश्व मैं पिछले साल के अंतसे ही शुरू हो गया था. तभी ऐसा लगा न था, की ये वायरस पूरी मनुष्य जाती को घुटने पे बैठने के लिए मजबूर कर देगा. शुरुवात हुई थी सिर्फ २१ दिन के लॉकडाउन के साथ. जो आज तक कुछ हद तक हमारी सरकारों ने हटा दिया है. कई लाखों लोग केवल भारत वर्ष मैं इससे बीमार पड़े हैं. अच्छी बात ये हैं की मृत्युदर बहोत ही कम होने के कारन, मृत्युसंख्या कम रही है. पर ह...